अजब-गजब: रूस के इस खूंखार शासक ने बेटे की ही कर दी थी हत्या, गद्दारों को देता था ऐसी खौफनाक सजा

रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध खत्म होता नहीं दिख रहा है। इस युद्ध की वजह से जमीन पर स्थिति और खराब होती जा रही है। यूक्रेन में रूसी सेना ताबड़तोड़ हमले कर रही है, तो यूक्रेन भी कड़ा प्रतिरोध कर रहा है। अब इस युद्ध के बीच हम आपको रूस के एक निर्दयी राजा के बारे में बताने जा रहे हैं। दुनिया में कई ऐसे राजा हुए जिनको अच्छे कार्यों के लिए आज भी लोग याद करते है, जबकि कुछ ऐसे शासक हुए जो अपने क्रूर शासन के लिए जाने जाते हैं।  रूस का सबसे खूंखार राजा ईवान का नाम भी दुनिया के क्रूर शासकों में शामिल है। 

इतिहास में रूस के इस निर्दयी राजा को भयानक ईवान (Ivan the Terrible) के नाम से भी जाना जाता है। मास्को के रहने वाला ईवान जब तीन साल का था तभी उसके पिता की मौत हो गई थी। कुछ सालों बाद ईवान ने अपनी मां को भी खो दिया। इसके बाद ईवान की हाथ में सत्ता आ गई। 
13 साल की उम्र में बना शासक

रूस का राजा ईवान था, लेकिन कम उम्र होने की वजह से काउंसिल के सदस्य शासन करते थे और कोई फैसला लेते थे। हालांकि 13 साल की उम्र में ईवान ने सत्ता की बागडोर अपने हाथ में ले ली। इसके बाद ईवान ने 1543 में एंड्री शुइस्की को बंदी बना लिया। आपको जानकार हैरानी होगी कि ईवान के नाम पर एंड्री ही शासन चला रहा था। लेकिन ईवान ने एंडी को मरवा दिया और शव को कुत्तों को खाने के लिए डलवा दिया। 

ईवान ने अपने साम्राज्य को बढ़ाने के लिए लिवोनियन युद्ध की शुरुआत की, लेकिन उसे कामयाबी नहीं मिली। हालांकि वह अपने देश में और शक्तिशाली हो गया। ईवान ने अपने शासन के दौरान रूस में कई बड़े बदलाव किए।
ईवान ने ही मॉस्को के विश्व प्रसिद्ध सेंट बेसिल कथीड्रल (Saint Basil’s Cathedral) को बनवाया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, चर्च के आर्किटेक्ट पॉस्टनिक याकोवेलेव की आखें फोड़ दी थीं ताकि दोबारा ऐसी खूबसूरत डिजाइन न बन पाए। 
ईवान को अपने लोगों से ही खतरा लगता था, क्योंकि उसकी मां और तीन पत्नियों को जहर देकर मारा गया था। एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईवान ने रूस में पहली बार ऑप्रिचनीना बनाया जिसे रूस की पहली सीक्रेट पुलिस फोर्स कहा जा सकता है। इस फोर्स के माध्यम से उसने शासन के ऊंचे पदों पर बैठे लोगों को प्रताड़ति किया ताकि उसके खिलाफ कोई आवाज न उठा पाए। 

नरसंहार में 15 हजार लोगों की हुई थी मौत

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईवान ने 1570 के दौरा Novgorod शहर में नरसंहार कराया था। इसमें सिर्फ पांच हफ्ते में 15 हजार लोगों की जान चली गई थी। वह अपने खिलाफ एक भी आवाज पसद नहीं करता था। 
इसलिए बेटे की कर दी हत्या

बताया जाता है कि एक बार उसे अपनी गर्भवती बहू के पहनावे पसंद नहीं आए, तो उसने उसे जमकर मारापीटा जिससे बच्चे की पेट में ही मौत हो गई। जब यह बात बेटे को पता चली तो उसने पिता का विरोध किया जिसके बाद ईवान ने क्रोधित होकर बेटे के सिर पर प्रहार कर उसकी जान ले ली। 

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